हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

अभ्युदय की कार्यशाला - सम्पादक

  • राजभाषा हिंदी में सुदूरवर्त्ती नौनिहालों के लिए स्वच्छता, पर्यावरण, योग एवं विज्ञान चेतना की कार्यशाला  : अभ्युदय
  •  डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल, गुप्तकाशी में उन्मेष : ज्ञान-विज्ञान विचार संगठन, जबलपुर, मध्य प्रदेश, 20171104_150052(0)द्वारा अभ्युदय कार्यक्रम के अंतर्गत नौनिहालों के लिए स्वच्छता, पर्यावरण, योग एवं विज्ञान चेतना हेतु एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन राजभाषा हिन्दी के माध्यम से किया गया; जिसमें राजकीय इंटर कालेज गुप्तकाशी, जी आई सी नारायणकोटि, एम एल पब्लिक स्कूल नाला और डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी सहित सुदूर हिमालयीय केदारघाटी क्षेत्र के अनेक विद्यालयों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी कलम सिंह राणा एवं भारत में हिंदी चेतना की प्रतिनिधि-उन्मेष संगठन की राष्ट्रीय महासचिव डॉ.कविता भट्ट एवं विद्यालय प्राचार्या आदि द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत अंतर्विद्यालायीय स्तर पर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए हिमालयीय क्षेत्र में स्वच्छता, जैव-विविधता संरक्षण जैसे विषयों पर निबंध एवं पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त आपदा नियंत्रण के लिए पर्यावरणीय नीतिशास्त्र पर व्याख्यान, ईंधन के विकल्प के रूप में जल से ऊर्जा उत्पादन के मॉडल का प्रस्तुतीकरण एवं छात्रों द्वारा योगाभ्यास का प्रदर्शन तथा प्रशिक्षण मुख्य आकर्षण थे। डॉ. कविता भट्ट ने अपने व्याख्यान में हिमालयीय क्षेत्र की पर्यावरणीय विसंगतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र अनियंत्रित विकास, 20171104_150406अनियोजित पर्यटन, अवैज्ञानिक दोहन के कारण आपदाओं को झेल रहा है। इसको नियंत्रित करने के लिए पर्यावरणीय, वैज्ञानिक, योग एवं अक्षय विकास का ज्ञान होना चाहिए।अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि उन्मेष संस्था द्वारा सी एस आई आर, इसरो, परमाणु ऊर्जा संयत्र आदि भारत सरकार की प्रतिष्ठित संस्थाओं के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर भारतवर्ष के अनेक राज्यों में जिज्ञासा एवं अभ्युदय कार्यक्रम की  शृंखला चलाई जा रही है;जिनमे ज्ञान एवं विज्ञान के प्रसार द्वारा पिछड़े तथा वंचित क्षेत्र के नौनिहालों तथा आम आदमी को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया जा रहा है। सभी लोगो को अक्षय विकास, वैज्ञानिक चेतना, आजीविका के लिए पर्यटन के साथ योगाभ्यास प्रशिक्षण आदि का ज्ञान होना चाहिए। हिमालय के स्वच्छ पर्यावरण में योगाभ्यास सिखाएँगे तो यात्रियों को अधिक शुद्ध ऑक्सीजन आदि ग्रहण करके ज्यादा स्वास्थ्य लाभ होगा; गन्दगी पर रोक लगेगी और अच्छी आमदनी भी होगी।

वैज्ञानिक चंद्रकांत बैंजवाल ने ईंधन के विकल्प के रूप में जल से ऊर्जा उत्पादन का मॉडल प्रस्तुत किया। प्राचार्या अमिता कुमारी ने कहा कि हिमालय में स्वच्छता हेतु मिल-जुलकर कार्य करने की DSC00023आवश्यकता है। इस अवसर पर स्थानीय योग प्रशिक्षक अमन एवं अजय ने नौनिहालों को विभिन्न योगाभ्यास सिखाए। निबंध प्रतियोगिता में सौरभ राणा, एम् एल पब्लिक स्कूल गुप्तकाशी ने प्रथम,आइस नेगी, डॉ जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी ने द्वितीय तथा इसी विद्यालय की वैष्णवी ने तृतीय प्राप्त किया।पोस्टर पेंटिंग में ऋषभ तिवारी,डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी ने प्रथम, रवीना राणा, रा० मा० विद्यालय गुप्तकाशी ने द्वितीय तथा रा० इ० कालेज नारायणकोटि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्य अतिथि पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी कलम सिंह राणा ने स्वच्छता का महत्त्व बताते हुए पिछड़े क्षेत्र में वैज्ञानिक चेतना के प्रसार हेतु समर्पित इस कार्यक्रम की सराहना की। विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र, पुरस्कार एवं उन्मेष द्वारा प्रकाशित विज्ञान लोक व्यापीकरण का शोध ग्रन्थ- जिज्ञासा एवं उपयोगी पुस्तकें वितरित की गई। अन्य प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गये। निर्णायक मनोज बेंजवाल, ए० के० बगवाड़ी, माधुरी खान तथा चंद्रकांत बेंजवाल थे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. जैक्स वीन स्कूल के अध्यक्ष लखपत राणा ने उन्मेष संगठन तथा आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं योग को आवश्यक बताया।

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