हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

अम्बर उनका यश गाता है - सुनीता काम्बोज

 

सुनीता काम्बोज
सुनीता काम्बोज

अम्बर उनका यश गाता है

धरती जय-जय कार करे

चरण चूमती दशों दिशाएँ

सूरज खुद शृंगार करे

 देख हौंसला उन वीरों का

फाँसी भी घबराती है

साहस उनका देख मौत भी

नतमस्तक हो जाती है

पवन बलाएँ लेती उनकी

चन्दा भी सत्कार करे

चरण—

ज्वाला भरी हुई आँखों में

तूफाँ से टकराते हैं

पंछी नील गगन में उड़ते

गीत उन्हीं के गाते हैं

अंगारों से भरे समंदर

हँसकर तुमने पार करे

चरण—-

हर पल उनकी आँखों में था

आजादी का ही सपना

जान लुटाकर उन वीरों ने

रौशन देश किया अपना

झुके नहीं गोरों ने बेशक

लाखों अत्याचार करे

चरण—

-0-