हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

ऐसा हो प्रतिबिम्ब - सिम्मी भाटिया

सिम्मी भाटिया
सिम्मी भाटिया

 ऐसा हो प्रतिबिम्ब

सृदृढ़ निराला

न हो काली छाया

राग द्वेष से बाहर

झलके प्यार

और उद्गार विचार

हो ऐसी सौगात

निर्मल सहज

मर्यादित भावनाएँ

उज्ज्ववल पारदर्शी

किरदार

असत्य से ओझल

रेशमी रिश्ते

कुसंगत से परे

मृदु शीतल अभिव्यक्ति

मनमोहक व्यवहार

महकता व्यक्तित्व

धूल छँटे आईना

ऐसा हो प्रतिबिम्ब

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