हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

कविताएँ - डॉ.जगमोहन हूमर

1-एक विश्वास एक आशा

मेरे वो गीत आज मौन आज सहमे हैं

थम गई मेरी कलम और उदास नग़मे हैं।

वो भी दिन थे जो मैने गीत प्यार के गाए

शब्द जीवित थे मेरे रंग सभी भर लाए।

उनमें अब प्राण कहां भाव कहाँ बहते हैं। मेरे…

मेरे उपवन में कभी भंवरे गुनगुनाते थे

मेरे आँगन में कभी फूल मुस्कराते थे।

वे हैं मुरझाए  हुए फूल कहां महकेंगे। मेरे…

जिसके आँचल पे ओस के थे अनगिनत मोती

वो ही धरती है आज आँसुओं से क्यों रोती।

घिर उठी काली घटा रक्त कण बरसते हैं। मेरे…

वो ही बालक जो कभी माँ के प्यार में पलते

कोई  ममता का गीत पुण्य कथाएँ सुनते।

वोही बालक हैं आज हिंसा का पाठ पढ़ते हैं। मेरे…

किसी सजनी की कमर पे जो स्वर्ण की थी कड़ी

वोही बारूद की है आज बनी एक लड़ी।

पग के घुँघरू भी तांडव का नृत्य करते हैं। मेरे…

वो निपुण हाथ जो गढ़ते थे ईश की मूरत

एक सुहानी सी छवि, एक सौम्य सी मूरत।

उन्ही हाथों से आज अस्त्र शस्त्र बनते हैं। मेरे…

मुझे विश्वास है ये दिन भी गुज़र जाएँगे

मेरे आंगन में फूल फिर से मुस्कराएँगे।

गीत जागेंगे मेरे भाव उभर आएँगे

चल पड़ेगी ये कलम शब्द निखर जाएँगे।

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2-एक शब्द और रूप अनेकों

एक शब्द और रूप अनेकों प्रीत कहो या कहो अर्चना

सब रूपों में बसा है मंगल, प्रेम कहो या कहो साधना।

जिसने प्रभु से प्रेम किया है उसका सब कुछ प्रभु को अर्पण

भले दीन हो नही हो सक्षम जो कुछ उसका सभी समर्पण।

प्रभु वंदन में हृदय समर्पित और समर्पित ज्ञान चेतना।  एक…

इक पावन है प्रेम अनूठा, माँ की ममता निर्मल सत्वर

नहीं प्रश्न कुछ माँग नही कुछ, मुक्त हृदय से प्रेम निछावर।

सदा प्रफुल्लित बाल हृदय हो जननी की बस यही कामना। एक…

है अनुरक्ति प्रिया प्रियतम की, एक हृदय चाहे हों दो तन

साथ साथ वे चलें निरंतर जनम- जनम का है ये बंधन।

है परिभाषा यही प्रेम की एक समर्पण, एक साधना। एक…

सब परिजन और मित्रगणों में ऐसा हो बस प्रेम परस्पर

सुख में सब और दुख में भी सब साथ निभाने को हों तत्पर।

रहे एकता एक दूजे में, एक दूजे की रहें प्रेरणा। एक…

प्रेम सदा हो मातृभूमि से, जिस भूमि पर जनम लिया है

जिसकी संस्कृति ने है पाला, जिसने गौरव मान दिया है।

उसका ऋण हम कभी न भूलें, है ईश्वर से यही प्रार्थना। एक…

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डॉक्टर जगमोहन हूमर

Dr. Jagmohan Humar, PhD, FCAE,Distinguished Research Professor,Carleton University, Ottawa, Canada

डॉक्टर हूमर केनडा मे हिन्दी साहित्य के प्रति उनकी अभिरुचि के लिये सुपरिचित हैं। कविता के सृजन और पठन के लिये उन्हे कई बार सम्मानित किया गया है। उनकी कविताओं का संकलन “जीवन के रंग” नामक पुस्तक में 1997 में प्रकाशित हुआ है। इसके अतिरिक्त आपकी कविताएँ अनेक संग्रहों मे प्रकाशित हुई हैं। इनमें प्रमुख हैं “कनेडियन हिन्दी काव्यधारा”, “उत्तरी अमेरिका के हिन्दी साहित्यकार”, “कलम”, एवं “काव्योत्पल”। आपकी रचनाएं “हिन्दी सम्वाद” तथा “चेतना” में कई बार छपी हैं। आप कविता के अतिरिक्त कहानी, नाटक, तथा लेख भी लिखते हैं।

आपने 1982 से दस वर्षों तक अंकुर नामक पत्रिका का प्रकाशन किया जो हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषाओं में छपती थी।

डॉक्टर हूमर के कविता पाठ केनडा में अत्यन्त लोकप्रिय हैं। आप अद्वितीय स्मरण शक्ति के धनी हैं और मधुर स्वर में कविता पाठ करते हैं। आपको केनडा के अनेक शहरों में कविता पाठ के लिये आमंत्रित किया गया है। इनमैं हैः टोरान्टो, ऑटवा, वेन्कूवर, विनिपेग, तथा एटमन्टन। एशियन टेलिविजन नेटवर्क ने कई बार आपके कविता-पाठ का प्रसारण किया है।

डॉक्टर हूमर अन्तरराष्ट्रीय ख्याति के वैज्ञानिक हैं और अपने श्रेष्ठ शोधकार्य एवं उत्तम अध्यापन के लिये कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए गए हैं।

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