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की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

केटसाल पक्षी की दंतकथा - ऐश्टन कार

(सादर नमस्कार! मेरा नाम ऐश्टन है। मेरी उम्र उन्नीस है। मैं ड्यूक विश्वविद्यालय में दूसरे साल की छात्रा हूँ, और मैं धर्म और एशियाई संस्कृति पढ़ती हूँ। मैं अपनी लघुकथा ‘केटसाल पक्षी की दंतकथाआपकी पत्रिका हिंदी चेतनामें छपवाना चाहती हूँ। यह मेरे द्वारा लिखी गई है और मौलिक है, अभी तक अप्रकाशित है।  कृपया इसे अपनी पत्रिका में स्थान देने की कृपा करें।श्टन कार Ashton Carr,Duke University Class of 2020: लिखने की तिथि 23/4/2018)

यह कहानी Quetzal (केटसाल) की दंतकथा है। यह पक्षी ग्वाटेमाला का राष्ट्रीय पक्षी है, और वह

ऐश्टन
ऐश्टन

ग्वाटेमाला और उसके आसपास के देश में मुख्यतः रहता है। केटसाल बहुत सुन्दर पक्षी है। उसके तन पर चमकीले हरे पंख होते हैं और उसकी छाती पर गहरे लाल पंख हैं। केटसाल की पूँछ बहुत लंबी है – वह अधिक से अधिक दो फ़ीट तक लंबा होता है। यह दंतकथा केटसाल के अद्वितीय रंग के बारे में है।

बहुत साल पहले, एक दंतकथा के अनुसार, ग्वाटेमाला में जहाँ माया साम्राज्य था, वहाँ एक जनजाति का नाम कीचे था। जनजाति का मुखिया बहुत बलवान और नेक था, लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं था। आखिरकार, जब वह बहुत बूढ़ा हुआ ,तब उसके एक बेटा हुआ। उसने अपने बेटे का नाम केटसाल रखा। जिस दिन केटसाल पैदा हुआ, एक हमिंग-बर्ड उसके घर के बाहर थी, और उसने एक पंख शिशु केटसाल के पालने में रखा।

मुखिया ने बड़े-बुजुर्गों से पूछा, “इसका क्या मतलब है?”

उन्होंने कहा, “यह सौभाग्य का चिह्न है, इससे केटसाल अमर रहेगा और कभी नहीं मरेगा।”

उसके माता-पिता ने इस पंख को एक हार में पिरोकर केटसाल के गले में डाल दिया, और यह सुनकर जनजाति आनन्दित हुई; तथापि, मुखिया का भाई ईर्ष्या और गुस्से से भर गया, क्योंकि अगर केटसाल पैदा नहीं हुआ होता, तो वह अगला मुखिया बनता।

कई वर्षों बाद, केटसाल एक मजबूत जवान आदमी बना ,जो एक अद्भुत मुखिया बनने के लिए तैयार था। इसी समय, एक और जनजाति ने केटसाल की जनजाति पर हमला किया। केटसाल ने लड़ाई का नेतृत्व किया। केटसाल के मामा ने उम्मीद की, कि शायद केटसाल लड़ाई में मारा जाए ,जिससे वह खुद मुखिया बन जाए। भले ही केटसाल लड़ाई के मैदान में था, उसे कोई चोट नहीं आई। उसका ईर्ष्यालु मामा यह महसूस करता था कि यह हमिंग-बर्ड के पंख की वजह से हुआ है। एक रात, उसने सोते समय केटसाल से इसे चुरा लिया।

गूगल से साभार
केटसाल

अगले दिन, केटसाल जंगलों में शिकार करने के लिए गया, और उसका दुष्ट मामा उसका पीछा करने लगा। जब केटसाल ने देखा कि वह उसके पीछे मामा आ रहा है, तो वह छुप गया, और तुरंत उसके मामा ने उसकी छाती पर तीर मारा। केटसाल, अपने हार के बिना असुरक्षित था, वह भूमि पर गिर गया और जहाँ उसे तीर लगा था ,रक्त उसकी छाती से निकलकर सब जगह फैल गया। उसकी छाती रक्त से लाल हो गई। साफ़ था कि मामा उसकी मृत्यु पर खुश थे, तभी कुछ अजीब होने लगा केटसाल एक पक्षी में बदलने लगा उसकी छाती लाल हो गई ।क्योंकि वह घास पर गिरा था; इसलिए उसके पंख भी घास की तरह हरे होने लगे। तब से ग्वाटेमाला के लोग यह कहानी केटसाल के रंग समझाने के लिए सुनाते हैं।

जब मैं बच्ची थी, तब मैंने ग्वाटेमाला की यात्रा की। मैंने केटसाल हर जगह देखा – सिक्कों पर, तस्वीरों पर, झंडों पर। हमेशा मैंने सोचा कि वह बहुत अद्भुत पक्षी था। सालों तक, जब मैंने ग्वाटेमाला में अधिक से अधिक समय बिताया, मुझे केटसाल प्यारा लगा। जब मेरे पसंदीदा पक्षी के बारे में पूछा गया, तो मैंने हमेशा जवाब दिया ‘केटसाल’ – इस तथ्य के बावजूद कि कोई भी इस दुर्लभ पक्षी के बारे में कभी नहीं जानता था और इसके लिए मेरे प्रेम के बावजूद, मैंने व्यक्तिगत रूप से कभी भी केटसाल को नहीं देखा है, क्योंकि उन्हें कैद में रखना अवैध है और उसे देखने के लिये मुझे ग्वाटेमाला के जंगल में जाना पड़ेगा।

मैं ग्वाटेमाला का एक सिक्का अपने साथ रखती हूँ ,जिस पर केटसाल का चित्र है और मज़े की बात है कि ग्वाटेमाला की मुद्रा का नाम केटसाल है। इस तरह से मैं अपने दूसरे घर, ग्वाटेमाला से जुड़े रहने में सक्षम हूँ।

-०-(चित्र : गूगल  से साभार )