हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

नियति-शिक्षा  गजाधर - शिक्षा गजाधर

नियति पर किसी का वश नहीं चलता यारो,

अभी विज्ञान इंसान का भाग्य नहीं लिखता यारो

आज भी पत्ता-पत्ता ईश्वर की मर्ज़ी से हिलता है यारों

भले ही विज्ञान ने दुनिया की  शक्ल  बदल डाली यारो

दवाओं से इंसान की उम्र बढ़ा डाली यारो

नए-नए अनुसंधानों से भले, लगते बूढ़े भी जवान यारो

पर आज भी मौत उनकी मर्जी से आती है यारो

जिसने भी मन को चन्दन और कर्म को पानी बनाया यारो

आज भी खुदा ने उनके आगे सर झुकाया है यारो

कौन कहता है बुरे वक्त में खुदा साथ नहीं देता यारो

बस एक बार खुदा से दिल लगा करके तो देख,

हर तरफ  दाएँयं-बाएँ, आगे-पीछे, सोते-जागते,

 हर पल हर साँस में तेरे यारो।

हर साँस में तेरे यारो।

-0- shikshagujadhur@hotmail. com