हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

लघुकथा सम्मेलन सिरसा - सम्पादक

अखिल भारतीय लघुकथा सम्मेलन का सिरसा में आयोजन

दिनांक 3 दिसम्बर , 2017 को हरियाणा प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन, सिरसा द्वारा संचालित हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच की ओर से श्री युवक साहित्य सदन व जनता भवन सिरसा में लोकार्पण, पुरस्कार, सम्मान व लघुकथा गोष्ठी का आयोजन किया गया ,जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विक्रमजीत सिंह एडवोकेट ने शिरकत की। समारोह की अध्यक्षता राजकीय महाविद्यालय ऐलनाबाद के प्राचार्य प्रेम कम्बोज ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्राचार्य पवनकुमार गुप्ता, वरिष्ठ लघुकथाकार डॉ० श्याम सुन्दर दीप्ति व मधुदीप उपस्थित थे। इस अवसर पर साहित्यकार पूरन मुद्गल ने अपने सम्बोधन में लघुकथा के इतिहास में हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रो० रूप देवगुण ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश व दिल्ली से पधारे लघुकथाकारों व स्थानीय प्रबुद्धजनों का संस्था की ओर से स्वागत किया। डॉ० शील कौशिक ने हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच की 2017 की गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। इस अवसर पर लघुकथाकार प्रो० रूप देवगुण द्वारा रचित एवं डॉ० राजकुमार घोटड़ द्वारा अनूदित पुस्तक ‘बेटी रौ दसोटण’ तथा अशोक जैन की अर्धवार्षिक पत्रिका ‘दृष्टि’ का विमोचन हुआ। लघुकथा के मानदंडों पर डॉ० श्यामसुन्दर दीप्ति व डॉ० नायब सिंह मंडेर ने प्रकाश डाला। समारोह में महादेवी कौशिक स्मृति प्रथम पुरस्कार कांताराय के एकल लघुकथा-संग्रह ‘पथ का चुनाव’ तथा प्रज्ञा पुरस्कार डॉ० रामकुमार घोटड़ द्वारा संपादित संकलन ‘हिंदी की प्रतिनिधि लघुकथाएं (1875-2015)’ को दिया गया। इस अवसर पर देश भर से पधारे चुनिंदा  लघुकथाकारों – अशोक जैन, मुकेश शर्मा, घमंडी लाल अग्रवाल, डा.सरोज गुप्ता, मधुदीप, डा.बलराम अग्रवाल, हरनाम शर्मा, डा. रामकुमार घोटड़, डा.श्याम सुंदर दीप्ति, सुखचैनसिंह भण्डारी, गोविन्द शर्मा, डा.इन्दु गप्ता, विकेश निझावन, इन्दिरा खुराना, डा.नायबसिंह मंडेर, जगदीश राय कुलरिया को लघुकथा सेवी सम्मान तथा जनकराज शर्मा व कृष्णकुमार कायत को लघुकथा मंच सहयोग सम्मान एवं डा.अशोक भाटिया, प्रो.अमृतलाल मदान, कमलेश भारतीय, डा.कृष्ण लता यादव, रणजीत सिंह टाडा, बलराज स्नेही व राधेश्याम भारतीय को लघुकथा संवर्द्धन सम्मान से अलंकृत किया गया। दूसरे सत्र में लघुकथा गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें विभिन्न प्रदेशों से पधारे व स्थानीय 40 लघुकथाकारों ने अपनी एक-एक लघुकथा का वाचन किया तथा डॉ० अशोक भाटिया व डॉ० बलराम अग्रवाल ने समीक्षक भूमिका निभाई। अंत में डॉ० शील कौशिक ने सभी का आभार व्यक्त किया।

-0- प्रस्तुति – शील  कौशिक