हिन्दी प्रचारिणी सभा: ( कैनेडा)
की अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका

विश्व कवि सम्मेलन - सम्पादक

अखिल विश्व हिन्दी समिति, टोरोंटो का अष्टम वार्षिक अधिवेशन व ‘विश्व कवि सम्मेलन’ शनिवार, 16 सितम्बर 2017 को सिंधी गुरु मन्दिर, टोरोंटो के सभागार में भारत से आये अखिल विश्व हिन्दी समिति के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दाऊजी गुप्त की अध्यक्षता व श्री गोपाल बघेल मधु के के सञ्चालन में प्रातः 10 से सायं 3:30 बजे तक आयोजित किया गया । कनाडा की सीनेटर सम्माननीय डॉ. आशा सेठ, डॉ. अरुण सेठ व भारतीय कौंसलावास के कोंसल श्री देविंदर पाल सिंह  जी विशिष्ट अतिथि थे ।विभिन्न सत्रों में मंच पर विराजमान थे श्री श्याम त्रिपाठी, डॉ. भारतेन्दु श्रीवास्तव, डॉ. देवेन्द्र मिश्र, डॉ. कैलाश भटनागर, श्री प्रेम सागर कालिया, श्री सरन घई, डॉ. जय राम आनन्द, आदि ।

कार्यक्रम का आरम्भ श्री सेवक सिंह जी के ‘वन्दे मातरम्..’ एवं श्री गोपाल बघेल ‘मधु’ व आचार्य ध्यानात्मानंद अवधूत के ‘संग्छध्वं सम्बदध्वं..’ व श्री सदाशिव पर आधारित श्री श्री प्रभात रंजन सरकार जी द्वारा रचित ‘प्रभात संगीत’ से हुआ ।

इसके उपरान्त विभिन्न सत्रों में25 प्रमुख कवियों ने अपनी मार्मिक व मंत्रमुग्ध करने वाली रचनाएँ सुनाकर श्रोताओं का हृदय तरंगित किया । समय की सीमा रही व श्रोता व कवि गण और भी रचनाएँ सुनने सुनाने के लिये अंत तक उत्सुक रहे ।

प्रमुख कवि व प्रवक्ता थे सर्व श्री दाऊ जी गुप्त, प्रेम सागर पंडित, श्याम त्रिपाठी, भगवत शरण श्रीवास्तव, डॉ. भारतेंदु श्रीवास्तव, डॉ. देवेन्द्र मिश्र, सरन घई, गोपाल बघेल ‘मधु’, हरजिंदर सिंह भसीन, सुरेन्द्र कुमार पाठक, विजय सूरी, शांति स्वरुप सूरी, राज माहेश्वरी, डॉ.कैलाश भटनागर, डॉ. शिवकुमार शर्मा, अनिल पुरोहित, रत्नाकर नराले, डॉ. जय राम आनंद, इत्यादि । प्रमुख कवयत्रियाँ थीं सर्व श्रीमती श्यामा सिंह, सुधा मिश्र, राज कश्यप, उषा बधवार, सरोजिनी जोहर, जी, इत्यादि । अन्य उपस्थित साहित्यकार व विशिष्ट जन थे डॉ. शिव राम मौर्य, श्रीमती अरुणा भटनागर, श्रीमती उषा, श्रीमती ऋचा बघेल, श्रीमती मधु तहिलानी, श्री नरेन्द्र वशिष्ट, श्री चंद्रा सिंह, आदि ।

आयोजकों व श्रोतागणों में प्रमुख थे श्रीमती व श्री सेवक सिंह, श्रीमती श्याम त्रिपाठी, श्रीमती भारतेंदु श्रीवास्तव, श्रीमती कालिया, श्री अशोक बधवार जी परिवार, सुश्री पूजा सिंह, श्रीमती सरन घई,  श्री राम संदल, श्रीमती ब्यासा पंजला, श्रीमती संयोगिता भारद्वाज, श्री प्रमोद गुप्ता व मित्र, श्रीमती प्रभा बांगिया, सिंधी गुरु मन्दिर के पुजारी, सदस्य व प्रेक्षक गण, आदि ।

कनाडा की सीनेटर सम्माननीय डॉ. आशा सेठ व डॉ. अरुण सेठ ने साहित्यकारों को हिन्दी साहित्य की सेवा करने के लिये सराहा व अपनी २ रचनाएँ सुनाकर सभी का मन मोह लिया ।भारतीय कौंसलावास से सम्माननीय श्री देवेन्द्र पाल सिंह जी ने सभा को संबोधित किया व भारतीय कोंसलावास की और से हिन्दी के विकास व उन्नयन के लिये हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया ।

भारतीय कौंसलावास के स. श्री देवेन्द्र पाल सिंह, डॉ. दाऊजी गुप्ता व संस्था के अध्यक्ष श्री गोपाल बघेल ‘मधु’ ने ‘अखिल विश्व हिन्दी समिति’ की और से डॉ. कैलाश भटनागर को साहित्य शिरोमणि, श्री सरन घई को साहित्य सुधाकर, श्री विजय सूरी को साहित्य मणि व डॉ. जय राम आनन्द को साहित्य शशि का सम्मान दिया गया । संस्था के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दाऊजी गुप्ता, व अध्यक्ष श्री गोपाल बघेल ‘मधु’ ने भारतीय कौंसलावास के स. श्री देवेन्द्र पाल सिंह जी को साहित्य उत्प्रेरक सम्मान प्रदान किया ।

डॉ. दाऊजी गुप्त ने कनाडा की अपनी पचासों वर्ष पूर्व की यात्राओं की विस्तृत चर्चा कर हिन्दी के विकास व इतिहास का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया और अधिकतर श्रोताओं की इच्छा रही कि वे इस विषय में और अधिक बताएँ ।

हमारे प्रमुख प्रतिनिधि मंडल को कनाडा की सीनेटर सम्माननीय डॉ. आशा सेठ व डॉ. अरुण सेठ ने अपने निवास पर 16 सितम्बर 2017 को रात्रि भोज दिया प्रमुख उपस्थित जन थे डॉ. दाऊजी गुप्ता, श्री गोपाल बघेल ‘मधु’, डॉ. देवेन्द्र मिश्र व श्रीमती सुधा मिश्र, श्रीमती व श्री अनिल पुरोहित, श्रीमती व श्री सेवक सिंह, श्रीमती श्यामा सिंह व श्री चंद्रा सिंह, श्रीमती व श्री प्रेम सागर कालिया, श्रीमती प्रिया व श्री कमल आहूजा, आचार्य ध्यानात्मानंद अवधूत, इत्यादि ।

कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति – भारत व अखिल विश्व हिन्दी समिति -सं रा अमरीका, कनाडा की हिन्दी साहित्य सभा, हिन्दी प्रचारिणी सभा, विश्व हिन्दी संस्थान, हिन्दी राइटर्स गिल्ड इत्यादि संस्थाओं का भरपूर सहयोग मिला । सभी कवि व श्रोता गणों एवं अतिथियों के तन- मन -धन व हृदय से किये परोक्ष- अपरोक्ष सहयोग के लिये हम सभी आभार प्रकट करते हैं ।

अन्त में हिन्दी साहित्य की सेवा के लिये सभी कवियों, कवयित्रियों, श्रोताओं व सहयोगियों को साधुवाद दिया गया ।

गोपाल बघेल ‘मधु’

अध्यक्ष

अखिल विश्व हिन्दी समिति,

टोरोंटो, ओंटारियो, कनाडा